अबकी दियरी के परब अइसे मनावल जाए-मनोज भावुक

अबकी दियरी के परब अइसे मनावल जाए , भोजपुरी के लोकप्रिय कवि मनोज भावुक के लिखल बेहतरीन गजल ह.

जाने कइसे गजल में बदलिए गइल

अइसन लागल तहरा गइला से,कि प्राण निकालिए गइल लागल ठोकर बहुत जोर से पर दिल सम्हरिये गइल मन, तन,बन कहाँ कहाँ दिखाईं, रहे लागल जवन घाव उ...

सब कुछ जे लुटा के अमीर बनल-कुमार मुकेश

लोगवा कहेला की हम पागल बानी पूछे अइसे कि जइसे हम घायल बानी राहे मंजिल ले पहुंचे के अइसन कसक, मजेधार में कहे कि हम थाकल बानी. नाव...

दिल में प्यारे के बीआ बोआ जब गइल

दिल में प्यारे के बीआ बोआ जब गइल, प्रीत के तब फसल लहलहइबे करी एह तरे जो मिलइहें नजर से नजर, लाज में तन में सिहरन समइबे...

फूल हम आस के आँखिन में उगावत बानी

फूल हम आस के आँखिन में उगावत बानी लोर से सींच के सपनन के जियावत बानी प्रीत के रीत गजब रउआ निभावत बानी घात मन में बा,...

बात पर बात होता बात ओराते नइखे

बात पर बात होता बात ओराते नइखे कवनो दिक्कत के समाधान भेंटाते नइखे भोर के आस में जे बूढ़ भइल, सोचत बा मर गइल का बा सुरुज...

बहुत नाच जिनिगी नचावत रहल-मनोज भावुक

बहुत नाच जिनिगी नचावत रहल हँसावत, खेलावत, रोआवत रहल कहाँ खो गइल अब ऊ धुन प्यार के जे हमरा के पागल बनावत रहल बुरा वक्त में ऊ बदलिये...

भँवर में डूबियो के आदमी उबर जाला

भँवर में डूबियो के आदमी उबर जाला मरे के बा तऽ ऊ दरिया किनारे मर जाला पता ई बा कि महल ना टिके कबो अइसन तबो त...

बचपन के हमरा याद के दरपन कहाँ गइल

  बचपन के हमरा याद के दरपन कहाँ गइल माई रे, अपना घर के ऊ आँगन कहाँ गइल खुशबू भरल सनेह के उपवन कहाँ गइल भउजी हो, तहरा...

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