बहुं चम्बल के बीहड़ में फूलन देवी के नाम सबसे ढेर लियात रहे काहें से की आतंक के दूसर नाम बन गइल रहली फूलन देवी.

उत्तर प्रदेश के एगो गांव में 10 अगस्त 1963 के दिन फूलन देवी के जन्म भइल रहे.फूलन के जन्म गरीब परिवार में भइल रहे लेकिन फूलन देवी डेराऐ वाला लोगन में से ना रहली.

उनकर शादी महज दस साल के उमिर में करा दिहल गइल रहे. फूलन के पति रोज मारपीट करे और शारिरिक उत्पीड़न भी करे, जेकरा से परेशान होके फूलन देवी अपना मायके आ गइली.

एह दौरान फूलन के दोस्ती डाकू सरदार बाबू गुज्जर से हो गइल लेकिन एगो आउर डाकू विक्रम मल्लाह भी फूलन देवी से शादी कइल चाहत रहलें. प्यार के संघर्ष में विक्रम द्वारा बाबू गुज्जर के हत्या कर दिहल गइल और यह तरह से फूलन आ विक्रम साथे रहे लगलन.

एगो आउर गिरोह रहे जेकर नाम ठाकुर गिरोह रहल जेकर मुखिया श्रीराम ठाकुर आ लाला ठाकर रहलें. ठाकुर गिरोह फूलन देवी के बाबू गुज्जर के हत्या के दोषी मानत रहे.

फिर एक बार आउर खूनी संघर्ष भइल और विक्रम आ फूलन देवी दुनो लोगन के मैदान छोड़ के भागे के पड़ल. ओह समय के अखबारन के अनुसार एहि बिच न जाने कइसे दुनो जने के पता ठाकर गिरोह के हो गइल और फूलन देवी के अपहरण ठाकुर गिरोह कर लिहलसि.

फुलन के साथे ठाकुर गिरोह द्वारा रोज रेप कइल गइल. उनकरा के गांव में नग्न अवस्था मे घुमावल गइल.फूलन देवी टूट चुकल रहली लेकिन हिम्मत ना टूटे दिहली.

कइसहूं फूलन ओहिजा से छुटला के बाद बेहमई गांव लौट अइली आ दूगो रेपिस्ट के पहिचान कइली और भी लोगन के बारे में जानकारी जुटावे शुरू कर दिहली लेकिन फूलन देवी के कवनो भी सफलता ना मिलल.

फिर फूलन देवी गांव से 22 गो ठाकुर लोगन के निकाल के गोली मार दिहली. ओह समय बहुत ही हो हल्ला मचल,मीडिया फूलन देवी के नया नाम दिहलसि. फूलन देवी ओह समय के खूंखार डाकू बन गइल रहली.

सरकार के तरफ से भिंड के एसपी राजेन्द्र चतुर्वेदी फूलन गिरोह से लागातार बात करत रहलन आ उनही के ही कमाल रहल की फूलन देवी आत्मसमर्पण करे ला तैयार हो गइली.

21 गो हत्या, 30 डकैती आ 18 गो अपहरण के आरोपी फूलन देवी तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सोझा आत्मसमर्पण कर दिहली.

11 साल जेल के सजा काटे के पड़ल फूलन देवी के, 1993 में यूपी के मुलायम सिंह सरकार फूलन देवी पर लागल सगरो आरोप वापस ले लिहलसि. फिर 1996 में सामाजवादी पार्टी के टिकट पर फूलन देवी मिर्जापुर से सांसद चुनल गइली. एह तरह से कबहुँ चम्बल के बीहड़ में राज करे वाली फूलन देवी दिल्ली के राजनीति में कदम रखली.

लेकिन 1998 में फूलन के हार के सामना करे के पड़ल आउर 1999 में एक बार फिर से जीत के साथ राजनीति में उनकर वापसी भइल.

25 जुलाई 2001 के शेर सिंह राणा द्वारा फूलन देवी के हत्या कर दिहल गइल.  शेर सिंह राणा के अदालत द्वारा आजीवन कारावास के सजा सुनावल गइल. शेर सिंह राणा पुलिस के बतवलसि की फूलन देवी के हत्या कर के उ बेहमई कांड के बदला ले लिहलसि.