डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम के रेप के दोषी सिद्ध भइला के बाद भइल हिंसा के कारण हरियाणा के पंचकूला आ सिरसा में धारा 144 लागू कइल गइल.

लोगन के जरूरत के समान के खरीददारी करे के खातिर सुबेरे 6 बजे से 11 बजे तक कर्फ्यू में ढील दिहल गइल बा.

आप लोगन के बता दिहल जाव की डेरा प्रमुख राम रहीम के सीबीआई अदालत रेप के दोषी मान चुकल बिया. डेरा समर्थकन द्वारा कइल हिंसा में 31 से भी ज्यादा लोगन के आपन जान गवावे के पड़ल.

अराजकता के माहौल आ अनियंत्रित भीड़ के काबू करे के खातिर पुलिस के बल प्रयोग भी करे के पड़ल. अकेले पंचकूला में 30 जबकि सिरसा में 6 लोगन के मौत भइल.

हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में बा और सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय से लोगन के निकले के आदेश दे दिहल गइल बा . लोग डेरा मुख्यालय से धीरे धीरे बाहर आ रहल बाड़ें.

रोहतक के सोनारिया जेल में बंद राम रहीम पर सोमार के सीबीआई अदालत सजा सुनाई. फिर से स्थिति न बिगड़े ओह खातिर अर्द्धसैनिक बल के 10 गो कंपनी तैनात कइल गइल बा जबकि सेना के भी बुलावल गइल बा.

एह बीच हरियाणा के डीजीपी बता चुकल बाड़ें की सजा के एलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होइ यानी राम रहीम के अदालत ना ले जाए के पड़ी. डीजीपी के अनुसार अगर आवश्यक होइ तब सगरो व्यवस्था सोनारिया जेल में ही कर दियाई.

कोर्ट के फटकार के बाद जागल हरियाणा सरकार

शुरुआत में हरियाणा सरकार हिंसा रोके में असफल रहल लेकिन कोर्ट के फटकार के बाद सरकार एक्शन में आइल आउर कार्रवाई शुरू भइल.

कोर्ट हरियाणा सरकार के फटकार लगावत कहलसि की सियासी फायदा के खातिर प्रदेश में हिंसा के भड़के दिहल गइल.

कोर्ट इहां तक भी कहलसि की सियासी फायदा के खातिर सरकार डेरा प्रमुख के आगे सरेंडर कर दिहलसि. कोर्ट साफ कर दिहलसि की कानून व्यवस्था से ऊपर केहू नइखे.

कोर्ट पीएम नरेंद्र मोदी पर भी टिप्पणी कइलस. हिंसा पैट केंद्र सरकार के फटकार लगावत कोर्ट कहलसि की उ देश के पीएम हउवें ना कि बीजेपी के.

डेरा में ना घुसी सेना

उधर डेरा मुख्यालय के पास मौजूद सेना के कहना बा कि सेना के इरादा सिर्फ डेरा मुख्यालय से लोगन के बाहर निकालल बा ना कि सेना के इरादा डेरा मुख्यालय में घुसे के.

सेना के पहिला प्राथमिकता कानून व्यवस्था दुरुस्त कइल बा.

डेरा मुख्यालय जाए वाला हर रास्ता पर सेना के कड़ा पहरा लगावल गइल बा.