Vk_Singh_t_06.09.14मोदी सरकार में केन्द्रिय मंत्री वी के सिंह पर गंभीर आरोप लागल बा. इ आरोप आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्युनल (एएफटी) की तरफ से लगावल गईल बा. अलग-अलग समाचार एजेंसीयन की तरफ से मिलल समाचार के अनुसार एएफटी कहले बा कि पूर्व आर्मी चीफ आ वर्तमान मे केन्द्रिय मंत्री वीके सिंह नियम के उलंघन कईले बाड़ें.

उ अपना हिसाब से मिलेट्री कोर्ट के प्रभावित कईलन.एएफटी के अनुसार वीके सिंह बदले की भावना से सीनियर आँफिसरन के प्रताड़ित कर के इंडियन आर्मी के प्रतिष्ठा के भारी चोट पहुचवले बाड़न.

पुरा मामला

कोर्ट मार्शल के तहत 2011 में  जनरल रथ आ मिलेट्री सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश के पश्चिम बंगाल के सुकना में 70 एकड़ प्लांट में शैक्षणिक संस्थान बनावे ला एगो प्राइवेट बिल्डर के एनओसी सर्टिफिकेट दिहला के दोषी पावल गईल रहे.

लेकिन अब एएफटी द्वारा आर्मी के ओह दावा के खारिज कर दिहल गईल बा कि शैक्षणिक संस्थान के निर्माण से खतरा उत्पन्न हो सकत रहे. आप लोगन के बतावत चल जाव कि सुकना प्लांट केस के जांच जनरल वीके सिंह शुरू कईले रहलन आ वीके सिंह ओह समय इर्स्टन आर्मी कमांडर रहलें.

उधर जनरल रथ अपनी याचिका में एएफटी के बतवले रहल कि वीके सिंह एह मामले के अनावश्यक रूप से तूल देत बाड़न काहें से कि वीके सिंह के जनरल अवधेश के साथ उनकर मित्रता पूर्ण व्यवहार ना रहल.

ट्रिब्युनल सिंह के जन्म तिथी विवाद मामले मे कहलस कि जनरल वी के सिंह के वाइस आर्मी चीफ स्टाफ बानवे में पुरा तरह से अनदेखी भईल. आ एकरा ला वी के सिंह के मन में मिलेट्री सिक्रेटरी के प्रति बदले के भावना आ गईल.